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13 सूत्रीय मांगों और टीईटी के मुद्दे पर हजारों शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जताया विरोध

देहरादून। शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के हजारों शिक्षकों ने काला दिवस मनाया। शिक्षकों ने बाएं हाथ पर काली पट्टी बांधकर सरकार और शासन के प्रति विरोध दर्ज कराया। संघ का कहना है कि शिक्षकों की 13 सूत्रीय मांगों और टीईटी की अनिवार्यता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर लंबे समय से शासन स्तर पर आश्वासन तो दिए जा रहे हैं, लेकिन ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा कि शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव लंबे समय से शासन में लंबित हैं। विशेष रूप से टीईटी का मुद्दा गंभीर और संवेदनशील है, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में शिक्षकों को राहत देने के लिए विशेष पात्रता परीक्षा आयोजित की गई है। उत्तराखंड में भी संगठन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से इस संबंध में मुलाकात कर चुका है और सचिव विद्यालयी शिक्षा एवं विभागीय अधिकारियों के साथ लगातार वार्ता की जा रही है। इसके बावजूद निर्णय में हो रही देरी से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है।
प्रदेश संरक्षक सतीश घिल्डियाल ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जूनियर हाईस्कूल में अंग्रेजी विषय के शिक्षक की नियुक्ति तथा शिक्षकों को पूरे सेवाकाल में अनिवार्य रूप से तीन पदोन्नतियां दिए जाने संबंधी प्रस्ताव भी कई महीनों से शासन में लंबित हैं। इन मांगों का सीधा संबंध विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और उनके सेवाकाल से जुड़ी सुविधाओं से है।
प्रदेश महामंत्री जगवीर खरोला ने कहा कि 13 सूत्रीय मांगों और टीईटी के मुद्दे पर सरकार एवं शासन की ओर से निर्णायक कदम नहीं उठाए जाने से प्रदेशभर के शिक्षकों में रोष है। शिक्षक दिवस के दिन काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराना इसी नाराजगी का प्रतीक है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने सरकार और शासन को चेतावनी दी है कि यदि संगठन की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। इसके अलावा विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा घेराव की भी रणनीति बनाई जाएगी।
शिक्षक संघ की 13 प्रमुख मांगें
- शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।
- विद्यालयी शिक्षा में त्रिस्तरीय कैडर बनाकर जूनियर हाईस्कूलों का पृथक संचालन किया जाए।
- 17140 वेतनमान की वसूली से शिक्षकों को मुक्त रखा जाए।
- प्रारंभिक शिक्षकों को सेवाकाल में तीन पदोन्नतियां सुनिश्चित की जाएं।
- अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की व्यवस्था लागू की जाए।
- समग्र शिक्षा के लिए उप शिक्षा अधिकारियों को डीडीओ का अधिकार दिया जाए।
- प्रत्येक जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक और अंग्रेजी विषय के शिक्षक का पद सृजित कर कुल पांच पद निर्धारित किए जाएं।
- पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
- चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान में एक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए।
- प्रारंभिक शिक्षा की खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए धनराशि बढ़ाई जाए।
- सीपीएड शिक्षकों को एलटी व्यायाम शिक्षक के पदों पर समायोजित किया जाए।
- 5400 ग्रेड वेतन प्राप्त शिक्षकों को बोनस का भुगतान किया जाए।
- गोल्डन कार्ड के तहत शिक्षकों को ओपीडी सहित निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

