
। उत्तराखंड एसटीएफ ने फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने और अन्य साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जा रहे अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सिम बॉक्स के माध्यम से पहचान छिपाकर अवैध टेलीकॉम गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। इस नेटवर्क से सरकारी राजस्व और टेलीकॉम कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान कादिर पुत्र जाबिर अली (24 वर्ष), निवासी मिलक जुम्मावाली, ग्राम बेरखेड़ा चक, थाना भगतपुर, जिला मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से दो 32-स्लॉट सिम बॉक्स, 77 सिम बॉक्स एंटीना, 114 एयरटेल सिम कार्ड, एक एयरटेल इंटरनेट राउटर, एक सैमसंग मोबाइल, 35 मोबाइल फोन मय सिम, यूएसबी केबल एवं कनेक्टर, दो एसी एडाप्टर, दो पावर केबल, एक फाइबर वायर, एक मीडिया कन्वर्टर, एक एक्सटेंशन बोर्ड समेत अन्य टेलीकॉम उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ थाना कटघर, जनपद मुरादाबाद में मुकदमा संख्या 250/2023, धारा 420, 467, 468, 471 भादवि तथा धारा 4, 20, 21 और 25 भारतीय तार अधिनियम, 1885 के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा मुकदमा संख्या 541/2023, धारा 2/3 गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज है।
कार्रवाई करने वाली एसटीएफ टीम में निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एमपी सिंह, उपनिरीक्षक शंकर सिंह रावत, उपनिरीक्षक अशोक कांडपाल, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, अपर उपनिरीक्षक सत्येंद्र गंगोला, हेड कांस्टेबल गोविंद सिंह, हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, कांस्टेबल मुहम्मद उस्मान, कांस्टेबल प्रवीण आगरी, कांस्टेबल गुरवंत सिंह एवं हेड कांस्टेबल संजय कुमार शामिल रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने कहा कि सिम बॉक्स जैसी तकनीक के माध्यम से पहचान छिपाने का प्रयास करने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ आधुनिक साइबर फॉरेंसिक और तकनीकी संसाधनों की मदद से कार्रवाई कर रही है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंटों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

