गुरु पूर्णिमा उत्सव में संगीतमय प्रस्तुतियों ने मोहा मन
शास्त्रीय गायन, सितार, वायलिन, बांसुरी, तबला व भजनों से गूंजा स्वर संगम परिसर
हल्द्वानी। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर स्वर संगम संगीत संस्थान में आचार्य गणों के हवन पूजन के बाद आचार्य हरीशचंद्र पंत, चन्द्र शेखर तिवारी, डा.मुकेश चन्द्र पंत, आचार्य विनीता पांडे व मीरा पंत के शिष्यों ने गायन, सितार,वायलिन, बांसुरी, भजन व तबला वादन की एक से बढकर एक प्रस्तुतियों से अपनी संगीत साधना का दिग्दर्शन उपस्थित श्रोताओं को करवाया।
मंच संचालक मोहनवीणा वादक दिनेश चन्द्र पंत द्वारा लोक वंदना “पारवती ज्यू देवी गौरा” के द्वारा समारोह का शुभारम्भ स्वर संगम वृंद गान दल की प्रस्तुति से करवाया गया। संस्थान के शिशु कलाकार वृंद द्वारा “रब सौं नेह लगाओ रे” राग, बिलावल,तुम बिन मोहे कल ना परे राग देस के पश्चात मीराबाई के लोक प्रिय भजन से वाह वाही लूटी। चन्द्रादित्य सती द्वारा कुशल संगति की गयी।
सितार में मेहुल जोशी द्वारा राग यमन प्रस्तुत किया गया। युग जोशी द्वारा तबला संगति प्रदान की गयी। बांसुरी में रागबिहाग की अत्यंत मधुर प्रस्तुति निखिलेश वर्मा द्वारा दी गयी। वायलिन समूह वादन में प्रियल, दिव्यांशी, ज्योति व कौशल द्वारा राग यमन की द्रुत व अति द्रुत रचनाएं प्रस्तुत की गयीं। मनोज तिवारी व हिमांशु जोशी द्वारा तीन ताल में तबला सोलो, रण विजय द्वारा रुद्र ताल में तबला सोलो प्रस्तुत किया गया।
अंजना, हेमा व उमा जायसवाल द्वारा राग आसावरी तबला वादक शुवम पोखरिया की संगति में प्रस्तुत किया गया। अनन्या व वेदान्त भट्ट द्वारा भजन की प्रस्तुति की गयी।
देर सायंकाल तक चली संगीत सभा में कशिश पांडे द्वारा राग दरबारी, साक्षी अधिकारी द्वारा राग खमाज, ज्योति दास द्वारा प्रभावशाली गायन की प्रस्तुति राग मियां मल्हार में, वायलिन वादक विशेष तिवारी द्वारा राग भीमपलासी, कु.हिमानी बिष्ट द्वारा मल्हार की कर्णप्रिय प्रस्तुतियों के उपरांत युग जोशी व चन्द्रादित्य सती द्वारा अत्यंत प्रभाव शाली युगल तबला वादन की प्रस्तुति से “स्वर संगम गुरुपूर्णिमा-2026” समारोह सम्पन्न हुआ।

