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पीएचसी ज्योलिकोट में 46 मरीजों का उपचार, छह मरीज भर्ती; प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर दी गई जरूरी दवाएं

नैनीताल। जलजनित एवं मौसमी रोगों की रोकथाम और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान लगातार जारी है। शनिवार को विभिन्न स्थानों पर आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में कुल 101 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाएं वितरित करने के साथ ही रोगों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 46 मरीजों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। इस दौरान 36 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए, जबकि 69 लोगों की स्वास्थ्य संबंधी काउंसलिंग की गई। 10 लोगों को टेलीकंसल्टेंसी के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। आवश्यकता वाले छह मरीजों को उपचार के लिए भर्ती किया गया।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सरियाताल, भल्यूटी, चोपड़ा और बेलवाखान में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच की। टीमों ने मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के साथ जलजनित और मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालय और बेस चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के साथ संवेदनशीलता से पेश आने और आवश्यक उपचार एवं परामर्श सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिक्षा और जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। लोगों को मौसमी एवं जलजनित रोगों के लक्षण, स्वच्छ पेयजल के उपयोग, हाथों की स्वच्छता, ओआरएस के इस्तेमाल और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
सीएमओ ने लोगों से अपील की कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण और जनजागरूकता अभियान चला रही हैं।

