
हल्द्वानी। किशोरियों को भविष्य में ग्रीवा
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) से बचाव का टीका लगाया जा रहा है। विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित टीकाकरण सत्रों में अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही किशोरियों का टीकाकरण किया जा रहा है।
टीकाकरण के लिए किशोरियों का विवरण यू-विन पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। पंजीकरण प्रक्रिया में अभिभावकों से सहमति प्रपत्र भरवाया जा रहा है। इसमें किशोरी और अभिभावक से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज की जाती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डिजिटल माध्यम से टीकाकरण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और टीकाकरण की जानकारी उपलब्ध कराने में यू-विन पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

ग्रीवा कैंसर से बचाव में अहम है एचपीवी टीका
एचपीवी संक्रमण ग्रीवा कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल है। किशोरावस्था में एचपीवी टीकाकरण भविष्य में इस बीमारी के जोखिम को काफी कम करने में मदद करता है। अभियान के तहत पात्र किशोरियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार टीका लगाया जा रहा है।
अभिभावकों की सहमति के बाद ही टीकाकरण
स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा टीकाकरण से पहले अभिभावकों को आवश्यक जानकारी दी जा रही है। सहमति प्रपत्र के माध्यम से अभिभावक की अनुमति लेने के बाद ही टीकाकरण किया जाता है। यू-विन पर दर्ज जानकारी के आधार पर टीकाकरण का डिजिटल रिकॉर्ड और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाता है।
मोबाइल नंबर से मिल सकेगा डिजिटल प्रमाणपत्र
पंजीकरण के दौरान सही मोबाइल नंबर दर्ज होने पर टीकाकरण संबंधी डिजिटल प्रमाणपत्र यू-विन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। इससे टीकाकरण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और भविष्य में जरूरत पड़ने पर उसे देखने में सुविधा होगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अभियान में सहयोग करते हुए पात्र किशोरियों का टीकाकरण करवाएं और सहमति प्रपत्र भरते समय दर्ज की जा रही जानकारी को ध्यानपूर्वक जांच लें।


