
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी समाज कल्याण विभाग के पूर्व अपर सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी राम विलास यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक मामले में अब तक हुई जांच की अद्यतन स्थिति अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण के पूर्व सचिव रहे राम विलास यादव के लखनऊ, देहरादून और गाजीपुर स्थित ठिकानों पर सतर्कता विभाग ने छापेमारी की थी। इस दौरान उनकी और उनकी पत्नी के नाम पर आय से लगभग 500 गुना अधिक संपत्ति होने का खुलासा होने की बात सामने आई थी।
इस मामले में दर्ज मुकदमे और संबंधित सरकारी आदेश को निरस्त करने की मांग को लेकर राम विलास यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले में अब राज्य सरकार को जांच की प्रगति से संबंधित जानकारी अदालत के समक्ष रखनी होगी।


