
रामनगर। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावट के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की सचल प्रयोगशाला ने सोमवार को रामनगर के विभिन्न बाजारों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान 91 खाद्य नमूनों की मौके पर जांच की गई। कुछ नमूनों में स्टार्च की मात्रा पाई गई, जिसके बाद संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए गए। विभाग के अनुसार, जांच में सभी नमूने मानव उपयोग के लिए सुरक्षित पाए गए।
आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए गए अभियान के तहत रामनगर के मुख्य बाजार, रानीखेत रोड, बस स्टैंड, खताड़ी, लखनपुर चुंगी और कोसी रोड स्थित प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की जांच की गई। जांच के दौरान व्यापारियों और आम लोगों की मौजूदगी में नमूनों का परीक्षण किया गया।
सचल प्रयोगशाला के माध्यम से मावा, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, तेल, रिफाइंड तेल, सरसों का तेल, लाल मिर्च, कुटी लाल मिर्च, धनिया, हल्दी, विभिन्न मिठाइयों, दालों, कॉफी, चायपत्ती, आटा, चावल और नमक सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की गई।
150 लोगों को मिलावट से बचाव की जानकारी दी
अभियान के दौरान लगभग 150 लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करने और उससे बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने लोगों को खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेट पर दर्ज विवरण और निर्माण एवं समाप्ति तिथि की जांच करने के प्रति जागरूक किया।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए व्यापारियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए गए हैं। साथ ही अभियान में सहयोग करने की अपील भी की गई है।
खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए जारी किए निर्देश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए व्यापारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इनमें खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने, खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं करने और पैक्ड खाद्य सामग्री पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि तथा बैच नंबर स्पष्ट रूप से अंकित रखने के निर्देश शामिल हैं।
इसके अलावा प्रतिष्ठानों में रेट लिस्ट प्रदर्शित करने, ग्राहकों को बिल या कैश मेमो देने तथा एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्रमाणपत्र को दुकान में प्रदर्शित करने को कहा गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि खराब और कालातीत खाद्य सामग्री की बिक्री प्रतिबंधित है।
विभाग के अनुसार, सचल प्रयोगशाला के माध्यम से जांच और जागरूकता अभियान आगे भी जारी रखे जाएंगे, ताकि आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
ये अधिकारी रहे मौजूद
जांच अभियान में उपायुक्त बीरेंद्र बिष्ट, कुमाऊं उपायुक्त खाद्य संरक्षा अशोक कुमार फुलोरिया, सहायक आयुक्त अजब सिंह रावत, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान, कनिष्ठ विश्लेषक अभिनव भट्ट, सहायक विश्लेषक गौरव नेगी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।


