
नैनीताल। दीपावली समेत आगामी त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में जांच अभियान तेज कर दिया है। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड और जिलाधिकारी के निर्देश पर विभागीय टीम ने कैंचीधाम क्षेत्र के खीनापानी, सुयालबाड़ी, काकड़ीघाट, छड़ा, खैरना, गरमपानी और कैंचीधाम में मिठाई की दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट और किराना प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के छह नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए, जबकि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर एक प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया।
निरीक्षण के दौरान सोनपापड़ी, शहद, बाल मिठाई, खोया, गुलाब जामुन और सरसों के तेल के नमूने लिए गए। विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान को 15 दिन के भीतर नोटिस का अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर कोर्ट चालान की कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार, संबंधित प्रावधानों के तहत धारा 55 में दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। टीम ने प्रतिष्ठान संचालकों को कालातीत खाद्य सामग्री रखने के लिए अलग ड्रॉप बॉक्स की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
इधर, वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में भीमताल और भवाली क्षेत्र में भी 10 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। यहां पेठा, बेसन के लड्डू, बूंदी के लड्डू, बताशा और बेसन सहित छह विभिन्न खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने, बिना बिल के खरीदारी नहीं करने, स्टॉक का पूरा विवरण रखने और खराब या कालातीत खाद्य सामग्री का विक्रय व भंडारण नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिष्ठानों में नियमित साफ-सफाई और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने को भी कहा गया है।
असिस्टेंट कमिश्नर अजब सिंह रावत ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग आमजन और खाद्य कारोबारियों को लगातार जागरूक कर रहा है। सभी खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों में मिलावट नहीं करने, पैक्ड सामग्री पर निर्माण एवं समाप्ति तिथि और बैच नंबर अंकित रखने, रेट लिस्ट प्रदर्शित करने तथा बिल-कैश मेमो जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रतिष्ठानों में एफएसएसएआई लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में अनियमितता मिलने, शिकायत प्राप्त होने या नमूना फेल होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आमजन से भी खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका होने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।
संयुक्त कार्रवाई में असिस्टेंट कमिश्नर अजब सिंह रावत, वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी असलम खान, अभय कुमार सिंह, राजस्व उपनिरीक्षक खैरना मोहम्मद शकील सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


