
हल्द्वानी। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चल रहे स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा-2026 के छठे दिन नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम की ओर से वार्ड संख्या-50 में विशेष स्रोत पर कचरा पृथक्करण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। नगर आयुक्त परितोष वर्मा के दिशा-निर्देशन में आयोजित अभियान के दौरान मुकानी क्षेत्र की मित्रापुरम कॉलोनी और दयाल विहार कॉलोनी में करीब 70 घरों से डोर-टू-डोर संपर्क किया गया।
अभियान के दौरान बैंणी सेना एवं संबंधित टीम ने लोगों को घर से ही कचरे को अलग-अलग रखने के महत्व की जानकारी दी। नागरिकों को SWM Rules-2026 के अनुरूप कचरे के चार प्रमुख वर्गों को अलग रखने के बारे में बताया गया।

गीला कचरा हरे डस्टबिन में रखने की जानकारी दी गई। इसमें रसोई का बचा भोजन, फल-सब्जियों के छिलके, खराब फल-सब्जियां, फूल-पत्तियां आदि शामिल हैं। बताया गया कि इस कचरे का उपयोग जैविक खाद बनाने में किया जा सकता है।
सूखा कचरा नीले डस्टबिन में रखने को कहा गया। इसमें प्लास्टिक, बोतलें, कागज, गत्ता, पुराने कपड़े, रबर, कांच और धातु आदि शामिल हैं, जिन्हें पुनर्चक्रण के लिए भेजा जा सकता है।
सैनिटरी एवं डायपर कचरे के लिए लाल डस्टबिन का उपयोग करने की जानकारी दी गई। सैनिटरी नैपकिन, डायपर, इनकॉन्टिनेंस पैड, बैंडेज और शरीर के संपर्क में आई रुई आदि को अन्य कचरे से अलग रखने तथा अखबार या सुरक्षित लिफाफे में अच्छी तरह लपेटकर कचरा संग्रहण वाहन को देने की जानकारी दी गई।
वहीं विशेष देखभाल योग्य एवं हानिकारक कचरे को काले डस्टबिन में अलग रखने को कहा गया। इसमें एक्सपायरी दवाइयां, सीएफएल, ट्यूबलाइट, बैटरियां, पेंट के डिब्बे, रसायनों की बोतलें और इलेक्ट्रॉनिक कचरा आदि शामिल हैं। इन्हें निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से सुरक्षित निस्तारण के लिए देने की अपील की गई।
टीम ने नागरिकों से अपील की कि कचरा संग्रहण वाहन के पहुंचने पर चारों प्रकार के कचरे को आपस में मिलाकर न दें, बल्कि स्रोत पर पृथक्करण के अनुसार अलग-अलग कचरा ही वाहन को सौंपें। अभियान के दौरान सैनिटरी एवं हानिकारक कचरे की सुरक्षित पैकिंग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
अभियान में वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीएस टोलिया, बैंणी सेना परियोजना प्रबंधक मनोज नेगी, एसबीएम टीम से मनीष पांडे, पीएमयू टीम से पंकज द्विवेदी तथा वार्ड संख्या-50 की बैंणी सेना टीम मौजूद रही। टीम ने नागरिकों से संवाद कर स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने कहा कि स्रोत पर कचरे का सही पृथक्करण करने से शहर को स्वच्छ रखने के साथ पुनर्चक्रण की प्रक्रिया आसान होती है। जैविक कचरे से खाद तैयार की जा सकती है और हानिकारक कचरे से होने वाले स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय जोखिम को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर घर की भागीदारी से ही स्वच्छ एवं स्वस्थ हल्द्वानी का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इसके साथ ही जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।
“कचरा अलग करें, जिम्मेदारी निभाएं और स्वच्छ हल्द्वानी बनाएं।”

