
रानीखेत। राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय मनबजूना में रानीखेत वन क्षेत्र के मज़खाली अनुभाग के द्वारसों प्रथम बीट की वन विभाग की टीम ने वन्यजीव सुरक्षा सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश “वन्यजीव हमारी धरोहर—उनकी रक्षा, हमारी जिम्मेदारी” रहा।

अनुभाग अधिकारी सागर सिंह जीना, बीट अधिकारी जया भट्ट और मनीष पाण्डेय ने बच्चों को बताया कि जंगल और वन्यजीव हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं। इनके संरक्षण की जिम्मेदारी केवल वन विभाग की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और ग्रामीण की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास से छेड़छाड़ न करने, जंगलों को आग से बचाने तथा वन्यजीव दिखाई देने पर सुरक्षित एवं सजग व्यवहार अपनाने की जानकारी दी।
वन विभाग की टीम ने कहा कि ग्रामीणों की जागरूकता और सहयोग से मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करते हुए बेहतर सहअस्तित्व स्थापित किया जा सकता है। जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे तो पर्यावरण का संतुलन भी बना रहेगा। विद्यालय परिसर में लगाए गए जागरूकता फ्लैक्स के माध्यम से भी बच्चों को वन्यजीवों को परेशान न करने और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान वन्यजीव विषय पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी रचनाओं के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता छात्र-छात्राओं को वन विभाग की टीम ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
विद्यालय परिवार ने वन विभाग की टीम का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के साथ-साथ उनके माध्यम से समाज में भी वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय प्रधानाध्यापिका पूजा साह, शिक्षिकाएं प्रतिभा फर्त्याल, खुशबू वर्मा, पूजा अग्रवाल, प्रसून अग्रवाल तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चम्पा देवी और हेमा देवी मौजूद रहीं।
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