
बनबसा। आर्मी मेस में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का बनबसा पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में फर्जी नियुक्ति पत्र, मेस के स्टांप, पेड, मोबाइल फोन, मेडिकल प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन में लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी भी मिली है।
पुलिस के मुताबिक, मुख्यालय लखनऊ से मिली सूचना के आधार पर गुरु शरण सिंह पुत्र सुखविंदर सिंह निवासी वार्ड नंबर पांच टनकपुर, हाल निवासी दड़ा फार्म सितारगंज ने थाना बनबसा में एफआईआर संख्या 76/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ग्राम भजनपुर बनबसा निवासी धीरज सक्सेना और धारचूला निवासी गणेश बहादुर ने आर्मी मेस में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 5 हजार रुपये नकद और 1.40 लाख रुपये यूपीआई के माध्यम से लिए।

शिकायत के अनुसार, 28 सितंबर को धीरज सक्सेना ने पीड़ित को नियुक्ति पत्र देने और बायोमेट्रिक कराने के लिए कमल पथ आर्मी एरिया बनबसा के पास बुलाया। मौके पर उसे कुछ अन्य लोग भी मिले, जिन्होंने बताया कि उन्हें भी आर्मी मेस में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।
इनमें खटीमा निवासी सोनिया जोशी और कविता जोशी तथा राजस्थान निवासी उमेश भारद्वाज और धारा सिंह बैरवा सहित अन्य लोग शामिल थे। पुलिस के अनुसार, सभी को बायोमेट्रिक के नाम पर मौके पर बुलाया गया था। इसके बाद धीरज सक्सेना अपने साथी गणेश बहादुर के साथ स्कूटी से मौके से फरार हो गया।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी टनकपुर निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए धीरज सक्सेना को उसकी स्कूटी संख्या UK07 AC 3133 के साथ गिरफ्तार किया।
पुलिस ने धीरज के कब्जे से 35 लोगों के जॉइनिंग लेटर, दो मेस के स्टांप, एक पेड और मोबाइल फोन बरामद किया। वहीं दूसरे आरोपी गणेश बहादुर के पास से 11 लोगों की फाइलों में नियुक्ति पत्र व अन्य दस्तावेज, मेडिकल प्रमाण पत्र और मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों द्वारा कई लोगों से आर्मी मेस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। धीरज सक्सेना के मोबाइल फोन की जांच में लाखों रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के शिकार लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विनय मित्तल, एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट, एसआई धीरेंद्र बिष्ट, हेड कांस्टेबल महेंद्र डंगवाल, कांस्टेबल रविंद्र वर्मन, ललित चौधरी, मदन सिंह और कुलदीप सिंह शामिल रहे।

