
–
चार माह में पांच करोड़ से अधिक की साइबर ठगी का आरोप, दो विधि-विवादित किशोर भी संरक्षण में; लाखों की नकदी और बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद

हल्द्वानी। नैनीताल पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मुखानी थाना क्षेत्र में संचालित अंतरराष्ट्रीय साइबर वित्तीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एसओजी, साइबर सेल और मुखानी पुलिस की संयुक्त टीम ने लक्ष्मण विहार कॉलोनी स्थित एक मकान में छापा मारकर गिरोह के मुख्य सरगना समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया। वहीं, दो विधि-विवादित किशोरों को भी संरक्षण में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरोह पिछले करीब चार माह से म्यूल बैंक खातों और अनधिकृत ऐप के माध्यम से करोड़ों रुपये के अवैध वित्तीय लेनदेन में संलिप्त था। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा पांच करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बाइनेंस से यूएसडीटी खरीदकर अनधिकृत ऐप पर करते थे लेनदेन
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य संचालक राहुल यादव निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश बाइनेंस ऐप के माध्यम से नकद धनराशि जुटाकर यूएसडीटी खरीदता था। इसके बाद टेलीग्राम के जरिए प्राप्त ‘यू-मास्टर’ ऐप पर प्रतिदिन करीब चार से पांच लाख रुपये मूल्य की यूएसडीटी तीन प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफे और बोनस के लालच में बेची जाती थी।
गिरोह अवैध रूप से प्राप्त धनराशि की परतें बनाने के लिए स्थानीय युवकों को तीन प्रतिशत कमीशन का लालच देता था। इनके माध्यम से लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक हासिल किए जाते थे। इन खातों में रकम आने के बाद एटीएम से नकदी निकाली जाती थी और अधिक रकम होने पर नकद जमा मशीन के जरिए अन्य खातों में स्थानांतरित की जाती थी।
पुलिस का कहना है कि गिरोह खाताधारकों के सिम कार्ड भी अपने पास रखता था, ताकि बैंक खातों के संचालन पर उसका नियंत्रण बना रहे।
छह आरोपित गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में राहुल यादव के अलावा हर्षित कुमार, कमल गोस्वामी, साहिल कुमार, मौ. अयान और मौ. शुभान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार राहुल यादव गिरोह का मुख्य संचालक था और वह पूर्व में इंदौर ग्रामीण थाने में दर्ज धोखाधड़ी और आपराधिक न्यासभंग के मामले में जेल जा चुका है। मामले में दो अन्य वांछितों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
दो विधि-विवादित किशोरों को भी संरक्षण में लेकर बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के माध्यम से अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया है।
नकदी समेत भारी मात्रा में सामान बरामद
संयुक्त टीम ने आरोपितों के कब्जे से 1.18 लाख रुपये से अधिक नकद, एक डेल लैपटॉप, एक एप्पल आईपैड, 11 स्मार्टफोन, 24 सक्रिय एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 सक्रिय सिम कार्ड, छह चेकबुक, चार पासबुक और 16 बैंक जमा/नकद जमा मशीन की पर्चियां बरामद की हैं।
मामले में मुखानी कोतवाली में मुकदमा संख्या 141/2026, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी), 66(डी) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने संयुक्त पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए उसका उत्साहवर्धन करने के लिए 2500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें। साइबर अपराध में खाते का इस्तेमाल पाए जाने पर खाताधारक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर देने की अपील की गई है।

