
नैनीताल, 23 अगस्त। आपराधिक गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल की अदालत ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत दो आरोपियों को जिला बदर करने के आदेश दिए हैं। वहीं, दो अन्य आरोपियों के खिलाफ जारी नोटिस परिस्थितियों के आधार पर निरस्त कर दिए गए।
जिला बदर किए गए आरोपियों में पलविंदर सिंह उर्फ रवि उर्फ हैप्पी पुत्र दिलबाग सिंह, निवासी हिम्मतपुर ब्लॉक, थाना रामपुर शामिल है। उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम और धारा 307/120बी बीएनएस समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दूसरा आरोपी प्रमोद सागर उर्फ पप्पू उर्फ पीके पुत्र पूरनचंद सागर, निवासी नाथूपुर पाडली, थाना मुखानी है। उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। अदालत ने दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए जिला बदर करने के आदेश दिए।
पहले ही जिला बदर, इसलिए नोटिस हुआ निरस्त
नवीन सिंह पुत्र चंदन सिंह, निवासी थाना मुक्तेश्वर, को दूसरे मामले में पहले ही जिला बदर किया जा चुका है। ऐसे में वर्तमान मामले में दोबारा कार्रवाई का औचित्य नहीं पाए जाने पर उसके खिलाफ जारी नोटिस निरस्त कर दिया गया।
गैंगस्टर मामले में जेल में बंद, नोटिस भी निरस्त
अमन सिद्दीकी पुत्र आफताब सिद्दीकी, निवासी गफूर बस्ती, थाना बनभूलपुरा, गैंगस्टर अधिनियम के तहत पहले से जेल में निरुद्ध है। परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उसके खिलाफ जारी नोटिस भी निरस्त कर दिया।
अदालत के फैसले से साफ है कि आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त पाए जाने वालों पर जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है, जबकि प्रत्येक मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अलग-अलग निर्णय लिया जा रहा है।



