
देहरादून। त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। भानियावाला, रानीपोखरी, डोईवाला और जीएमएस रोड क्षेत्र में चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान करीब 200 किलोग्राम संदिग्ध पनीर और 150 किलोग्राम संदिग्ध मावा नष्ट कराया गया। इसके अलावा विभिन्न खाद्य पदार्थों के सात नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए हैं।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर उपायुक्त खाद्य सुरक्षा गढ़वाल मंडल आरएस रावत के नेतृत्व में टीम ने सुबह पांच बजे से भानियावाला और रानीपोखरी क्षेत्र में बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों की जांच शुरू की।
इस दौरान गुप्त सूचना के आधार पर एक महिंद्रा पिकअप वाहन की जांच की गई। वाहन में हरिद्वार के सुल्तानपुर क्षेत्र से लाया गया करीब 200 किलोग्राम संदिग्ध पनीर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा मिला। टीम ने पनीर का नमूना लेकर शेष पनीर नष्ट करा दिया। वहीं, एक बोलेरो वाहन की जांच में भगवानपुर क्षेत्र से लाया गया करीब 150 किलोग्राम संदिग्ध मावा बरामद हुआ। मावा वाहन की सीटों के नीचे पैरों के पास रखा गया था और उसमें दुर्गंध भी आ रही थी। टीम ने इसका नमूना लेने के बाद शेष मावा नष्ट करा दिया।
इसके बाद भानियावाला स्थित दुर्गा चौक की एक डेयरी से परम पनीर और सेलेक्सो पैक्ड पनीर के नमूने लिए गए। भानियावाला, रानीपोखरी और डोईवाला क्षेत्र की मिठाई की दुकानों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित होने की व्यवस्था जांची गई।
उधर, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में टीम ने जीएमएस रोड स्थित मिठाई प्रतिष्ठानों और दुकानों का निरीक्षण किया। ऑनलाइन खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले हाइपरनेक्स्ट (जेप्टो) स्टोर की भी जांच की गई। यहां पैक्ड मिठाइयों की गुणवत्ता और निर्माण व अवसान तिथि की पड़ताल की गई। संदेह के आधार पर काजू कतली, सोनपापड़ी और मिल्क केक के नमूने लिए गए।
विभाग के अनुसार, दोनों अभियानों में कुल सात नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। प्रदेशभर में मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मिठाई की दुकानों और बेकरी प्रतिष्ठानों में निर्माण एवं अवसान तिथि अंकित करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जा रहा है। ऑनलाइन खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


