
अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी को राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। पार्टी ने इसे उत्तराखंड की जनभावनाओं का अपमान बताते हुए कहा कि यह फैसला प्रदेश के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। उपपा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का यह निर्णय उत्तराखंड की अस्मिता, सम्मान और न्याय की मांगों की अनदेखी करता है।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के संयोजक पीसी तिवारी और प्रधान महासचिव नरेश नौड़ियाल ने कहा कि प्रदेश की जनता अंकिता हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग करती रही है। इसके बावजूद इस मामले से जुड़े संदिग्ध व्यक्ति को संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जाना न्याय की उम्मीद लगाए बैठे लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला है।
प्रदेश सरकार की भूमिका पर उठाए सवाल
उपपा नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से प्रदेश की भाजपा सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उत्तराखंड की अस्मिता और जनभावनाओं की रक्षा करने में विफल रही है। नेताओं के मुताबिक, मुजफ्फरनगर कांड में उत्तराखंड आंदोलनकारियों को न्याय दिलाने का मुद्दा हो या अंकिता भंडारी हत्याकांड, प्रदेश की जनता लंबे समय से न्याय की मांग कर रही है, लेकिन सरकारों की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता दिखाई नहीं दे रही है।
निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग
पार्टी नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठती रही है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में जनआक्रोश के बीच प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच की घोषणा भी की थी। ऐसे में मामले से जुड़े संदिग्ध व्यक्ति को संवैधानिक पद पर नियुक्त किए जाने का निर्णय कई सवाल खड़े करता है। उपपा ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
जनप्रतिनिधियों से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग
उपपा नेताओं ने प्रदेश सरकार और सभी जनप्रतिनिधियों से इस फैसले पर अपना स्पष्ट पक्ष रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को बताना चाहिए कि वे अंकिता को न्याय दिलाने, कथित वीआईपी की भूमिका की जांच कराने और उत्तराखंड की अस्मिता एवं स्वाभिमान की रक्षा के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।
पार्टी ने कहा कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी प्रदेश की जनभावनाओं को आहत करने वाले फैसलों और नीतियों के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी। नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड की जनता लोकतांत्रिक तरीके से ऐसे निर्णयों का जवाब देगी, जिन्हें वह प्रदेश के सम्मान और स्वाभिमान के खिलाफ मानती है।


