
हल्द्वानी। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए नैनीताल पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने लामाचौड़ क्षेत्र के दो विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। Cyber Saathi – A Joint Awareness Initiative अभियान के तहत ARDEN PROGRESSIVE SCHOOL और SWASTYAYAN PUBLIC SCHOOL में करीब 1000 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में साइबर क्राइम सेल की टीम ने प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया। टीम ने बताया कि तकनीक ने दैनिक जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन साइबर अपराधी भी इसका दुरुपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
फर्जी नौकरी से डिजिटल अरेस्ट तक, ठगी के तरीकों की दी जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को फर्जी ऑनलाइन नौकरी और पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन गेमिंग एवं रिवॉर्ड स्कैम, फर्जी निवेश और ट्रेडिंग योजनाओं के बारे में बताया गया। इसके अलावा UPI और QR कोड के जरिए होने वाली ठगी, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक और संदिग्ध वेबसाइटों के खतरों के प्रति भी सचेत किया गया।
साइबर क्राइम सेल की टीम ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को समझाया कि साइबर अपराधी अक्सर लालच, भय, विश्वास और जल्दबाजी का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए।
OTP और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को OTP, ATM PIN, CVV और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। साथ ही किसी संदिग्ध QR कोड को स्कैन करने, अनजान लिंक खोलने या अप्रमाणित निवेश योजनाओं में पैसा लगाने से बचने को कहा।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
नैनीताल पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ ही अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की। पुलिस के अनुसार, सतर्कता और सामूहिक जागरूकता से साइबर ठगी की घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।


