
हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 में श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रमुख स्नान पर्वों के सफल आयोजन की तैयारियों के तहत पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले चार माह से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम के 13 चरणों में कुल 3505 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मेले की व्यवस्थाओं और संभावित चुनौतियों से निपटने के तरीके बताए गए।
सोमवार को सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र हरिद्वार में प्रशिक्षण के 13वें चरण का समापन हुआ। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक अनंत शंकर ताकवाले ने इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखंड के चेयरमैन डॉ. नरेश चौधरी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में योगदान की सराहना की।
पुलिस विभाग के निर्देशन और कुंभ मेला पुलिस के संयोजन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्व कुंभ और अर्धकुंभ मेलों में ड्यूटी कर चुके अनुभवी विशेषज्ञों के माध्यम से पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। डॉ. नरेश चौधरी ने सभी 13 चरणों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं, परंपराओं और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को कुंभ मेले के इतिहास, भीड़ नियंत्रण, अखाड़ों की परंपराओं, पेशवाई, शाही स्नान और अमृत स्नान की व्यवस्थाओं से अवगत कराया गया। इसके साथ ही पूर्व में आयोजित कुंभ मेलों के दौरान हुई महत्वपूर्ण घटनाओं, उनसे संबंधित जांच आयोगों की रिपोर्ट और उनकी सिफारिशों के अनुपालन के विषय में भी जानकारी दी गई।
स्थानीय लोगों और विभिन्न संस्थाओं से समन्वय पर जोर
प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, साधु-संतों, आश्रमों, धर्मशालाओं, होटल संचालकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई। डॉ. चौधरी ने बड़े स्नान पर्वों और धार्मिक आयोजनों के दौरान पिछले चार दशकों में निभाई गई जिम्मेदारियों के अनुभव साझा करते हुए पुलिसकर्मियों को व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने के तरीके समझाए।
डॉ. नरेश चौधरी ने कहा कि कुंभ मेला 2027 में पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रमुख स्नान पर्वों के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण स्नान की प्रमुख तिथियों पर श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रह सकती है। ऐसे में पुलिसकर्मियों का भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यावहारिक एवं मानसिक रूप से तैयार रहना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु आवागमन और विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन के लिए पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षित होना महत्वपूर्ण है।
पुलिस अधिकारियों ने जताया आभार
पुलिस महानिरीक्षक अनंत शंकर ताकवाले और कुंभ मेला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने सभी 13 प्रशिक्षण चरणों में 3505 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने में योगदान के लिए डॉ. नरेश चौधरी की सराहना की और उनका आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत पुलिस बल को व्यवस्थित, सतर्क और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


