
बागेश्वर। जिले में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बागेश्वर और कपकोट तहसीलों में बारिश के कारण दो आवासीय मकानों और एक गौशाला को नुकसान पहुंचा है। वहीं मलबा, भूस्खलन और वॉशआउट के कारण जिले की 11 ग्रामीण मोटर मार्ग अब भी यातायात के लिए बंद हैं। कई मार्गों पर आवाजाही बहाल करने में अभी समय लग सकता है।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार तहसील बागेश्वर के ग्राम मटियोली निवासी सुंदर लाल पुत्र मनोहर लाल की गौशाला सोमवार को हुई अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हो गई। ग्राम गौलना निवासी प्रदीप जनौटी पुत्र हर्ष सिंह का आवासीय मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है।

तहसील कपकोट के ग्राम बघर क्षेत्र कर्मी निवासी हर सिंह पुत्र वीर सिंह के आवासीय मकान का आंगन रविवार को हुई अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हो गया।
11 ग्रामीण मोटर मार्ग अब भी बंद
प्रशासन के अनुसार शाम चार बजे तक जिले में 11 ग्रामीण मोटर मार्ग अवरुद्ध थे। लोक निर्माण विभाग के तहत धैना लखनी-लोहारी सिल्ली बंड-कनस्यारी मार्ग के किमी पांच में गधेरे का जलस्तर बढ़ने से मार्ग 11 जुलाई से क्षतिग्रस्त है। यहां वेंटेड कॉजवे का निर्माण प्रस्तावित है। वहीं कुलाऊं-ग्वालदम मार्ग सोमवार को मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बागेश्वर के पांच मार्ग—खातीगांव-देवतोली, झारकोट सुंदर-चुनिंदा, नौघर-अमाजोग, पाणा-तरसाली और जैसर-रयूनीलजामर—स्कपर क्षतिग्रस्त होने तथा मलबा आने से अवरुद्ध हैं।
कपकोट क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर मोटर मार्ग के किमी 11 और 12.45, बदियाकोट-बोरबालड़ा तथा बाछम-खाती मोटर मार्ग वॉशआउट और भूस्खलन के कारण बंद हैं। कपकोट-पिंडारी मार्ग पर करीब 700 मीटर लंबा स्लाइडिंग जोन होने के कारण मानसून के बाद ही यातायात बहाल होने की संभावना है।
वहीं ब्रिडकुल, गरुड़ के मिखिला-खलपट्टा मार्ग के किमी तीन में वॉशआउट होने से यह मार्ग 14 अगस्त से बंद है। संबंधित विभागों की ओर से बंद मार्गों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।

