
सितारगंज। मंडी में 22 दिनों से धान की तौल शुरू नहीं होने से नाराज किसानों ने गुरुवार को धान से लदी ट्रॉलियां खड़ी कर हाईवे जाम कर दिया। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द खरीद शुरू कराने की मांग की। करीब दो घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (आरएमओ) के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया। इसके बाद शाम 4:45 बजे मंडी में धान की तौल शुरू हो गई।
गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक महार और किसान नेता जसवंत सिंह जस्सा के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया। किसान मंडी में धान की तौल शुरू होने और कच्चे आढ़तियों के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। दोपहर तक अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद जब तौल शुरू नहीं हुई तो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। वे धान से लदी ट्रॉलियां लेकर मंडी से बाहर हाईवे पर पहुंच गए और सड़क के एक ओर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए।
किसानों का कहना था कि सरकारी समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद खरीद शुरू नहीं होने से उन्हें खुले बाजार में महज 1800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचना पड़ रहा है। इससे उन्हें प्रति क्विंटल करीब 641 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि खरीद व्यवस्था दुरुस्त करने के बजाय अधिकारी उनकी परेशानियां बढ़ा रहे हैं और समय पर तौल नहीं होने से उन्हें अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सूचना मिलने पर तहसीलदार हिमांशु जोशी और कोतवाल सुंदरम शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने यातायात को दूसरे मार्ग से डायवर्ट कराया और किसानों से जाम खोलने की अपील की। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
करीब दो घंटे बाद क्षेत्रीय विपणन अधिकारी मौके पर पहुंचे। उनके आश्वासन के बाद किसान हाईवे से हटकर मंडी गेट के अंदर धरने पर बैठ गए। शाम 4:45 बजे मंडी में धान की तौल शुरू होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली।


