
हल्द्वानी। जिला ग्राम प्रधान संगठन नैनीताल ने पूर्व में सौंपे गए 10 सूत्रीय मांग-पत्र पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई है। संगठन ने निर्णय लिया है कि 2 अक्टूबर को सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली बैठकों का संगठनात्मक रूप से बहिष्कार किया जाएगा।

जिला ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी ने जिला पंचायती राज अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि करीब एक सप्ताह पूर्व ग्राम प्रधानों की विभिन्न समस्याओं एवं 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मांग-पत्र सौंपा गया था। इसमें समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र कार्रवाई और स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग की गई थी।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि मांग-पत्र सौंपे जाने के बावजूद अब तक न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही संगठन को कार्रवाई अथवा आश्वासन के संबंध में अवगत कराया गया। संगठन ने कहा कि ग्राम प्रधान गांवों में शासन की विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और मांगों के प्रति उदासीनता से प्रधानों में रोष और असंतोष बढ़ रहा है।
संगठन ने कहा कि 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम पंचायत बैठकों का बहिष्कार किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि प्रधान संगठन के धरने तथा ग्राम प्रधानों की लंबित समस्याओं और मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के विरोध में किया जा रहा है।
संगठन ने मांग की है कि ग्राम प्रधानों की मांगों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप से दी जाए तथा समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


