

देहरादून। कुर्मांचल कल्याण परिषद की माजरा शाखा द्वारा घी त्योहार के पावन अवसर पर पारंपरिक ‘सातों-आठों लोक पर्व’ को बेहद धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया। क्लेमेंट टाउन क्षेत्र स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित इस भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ माजरा शाखा के पूर्व अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सिट्रस के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष सहित सभी प्रमुख पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।उत्सव के दौरान लोक संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने महारानी, रानी और राजकुमारी आदि विभिन्न वर्गों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।


त्योहार के पारंपरिक महत्व को जीवंत करते हुए महिलाओं द्वारा पहाड़ी पकवानों और पारंपरिक ‘ओग की छापरी’ का भव्य प्रदर्शन किया गया।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में छोटे बच्चों ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। वहीं, 10 से 20 वर्ष के किशोरों और युवाओं ने ‘सपनों की उड़ान’ कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

इस उत्सव का मुख्य आकर्षण यह रहा कि इसमें एक वर्ष के नन्हे बच्चों से लेकर 90 वर्ष के बुजुर्गों तक, यानी हर पीढ़ी ने एक साथ मिलकर भागीदारी की।कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए परिषद की सचिव एवं संयोजक प्रेमा तिवारी के उत्कृष्ट कार्यों की उपस्थित जनसमूह द्वारा काफी सराहना की गई। कार्यक्रम के समापन पर पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से संकल्प दोहराते हुए कहा कि वे उत्तराखंड के पारंपरिक पर्वों, रीति-रिवाजों, लोक संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को अक्षुण बनाए रखने के लिए पूरी तरह से संकल्पित हैं।



