
–तिरंगे के रंगों से सजा आसमान, सुखोई-30, तेजस और प्रचंड हेलीकॉप्टर के प्रदर्शन ने बढ़ाया रोमांच
जोधपुर (राजस्थान)। भारतीय वायु सेना के 94वें वायुसेना दिवस के अवसर पर जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित एयर शो में वायु योद्धाओं ने अपने अद्भुत कौशल और साहस का प्रदर्शन किया। सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी), सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और लड़ाकू विमानों की रोमांचक उड़ानों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग के धुएं से बने तिरंगे ने देशभक्ति का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया।
एयर शो के दौरान सूर्यकिरण टीम के विमानों ने करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हुए तिरंगा, डायमंड, डीएनए और दिल की आकृति जैसी शानदार संरचनाएं बनाईं। वर्टिकल क्लाइंब, इन्वर्टेड क्रॉसओवर और बैरल रोल जैसे जटिल हवाई करतबों के जरिए पायलटों ने अपनी सटीकता, तालमेल और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया।
सुखोई, तेजस और प्रचंड ने दिखाया दम
एयर शो में सुखोई-30 एमकेआई, स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस और स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। सुखोई और तेजस की कम ऊंचाई पर तेज उड़ानों ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। वहीं, सारंग टीम के स्वदेशी एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टरों ने आसमान में विभिन्न संरचनाएं बनाकर अपनी उड़ान क्षमता का प्रदर्शन किया। हेलीकॉप्टरों की टीम ने मेहरानगढ़ किले के ऊपर से गुजरते हुए भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का लगभग 25 मिनट का प्रदर्शन दो चरणों में हुआ। पहले चरण में नौ विमानों के साथ विभिन्न फॉर्मेशन और समन्वित उड़ानों का प्रदर्शन किया गया। दूसरे चरण में टीम छोटी-छोटी इकाइयों में बंटकर जमीन के नजदीक साहसिक हवाई करतब दिखाती नजर आई।
देश-विदेश के वायु सैनिक भी बने साक्षी
एयर शो को देखने के लिए वायु सेना और थल सेना के अधिकारियों के साथ स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी, गणमान्य नागरिक और आम लोग पहुंचे। एनसीसी कैडेट्स और छात्रों को तेजस, सुखोई, राफेल सहित विभिन्न लड़ाकू विमानों को नजदीक से देखने का अवसर मिला। एयरफोर्स स्टेशन में प्रवेश सीमित होने के कारण आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने अपने घरों की छतों से ही इस नजारे का आनंद लिया।
जोधपुर में आयोजित ‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास में भाग ले रहे भारत सहित अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, बांग्लादेश और जर्मनी की वायु सेनाओं के जवान भी एयर शो देखने पहुंचे।
2003 में हुआ था सारंग टीम का गठन
सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के कमांडिंग अधिकारी एवं टीम लीडर अभिजीत ने बताया कि टीम भारतीय वायु सेना की व्यावसायिक दक्षता और विमानन क्षेत्र में भारत की प्रगति को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करती है। उन्होंने बताया कि सारंग टीम का गठन वर्ष 2003 में स्वदेशी एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टरों की क्षमताओं को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया था।
उन्होंने कहा कि टीम अपने प्रदर्शनों के माध्यम से युवाओं को रक्षा बलों में करियर बनाने और देश सेवा के लिए प्रेरित भी करती है। जोधपुर के आसमान में हुए इस प्रदर्शन ने भारतीय वायु सेना की हवाई क्षमता, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क की झलक पेश की।


