
गदरपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मसीत में दहेज उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर गर्भवती महिला को दर्द की दवा बताकर कथित रूप से मिसोप्रोस्टोल 200 खिलाई गई। इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। अत्यधिक रक्तस्राव के चलते महिला का आपातकालीन ऑपरेशन करना पड़ा। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने पति, ससुर और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, कैलाखेड़ा निवासी हामिद अली की भतीजी का विवाह 3 जून 2026 को ग्राम मसीत निवासी शाने अली पुत्र अख्तर अली के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी में मायके पक्ष ने अपनी हैसियत के अनुसार करीब पांच लाख रुपये नकद और अन्य सामान दिया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शादी के अगले दिन से ही पति शाने अली, ससुर अख्तर अली और ननद सारिका बेगम उर्फ फईमा दहेज में कार की मांग को लेकर महिला को प्रताड़ित करने लगे। उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किए जाने का भी आरोप है।
तहरीर के मुताबिक, एक दिन पति ने दर्द की दवा बताकर महिला को मिसोप्रोस्टोल 200 नामक दवा खिला दी। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने गर्भस्थ शिशु की मौत होने की जानकारी दी। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला का आपातकालीन ऑपरेशन करना पड़ा।
गदरपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 123, 85 और 92 के तहत पति, ससुर और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


