शिव आराधना के लिए है महत्वपूर्ण है महाशिवरात्रि पर्व

शिव आराधना के लिए है महत्वपूर्ण है महाशिवरात्रि पर्व
– महाशिवरात्रि को शिवालयों से होती है खड़ी होली की शुरुआत
ललित मोहन गहतोड़ी
चंपावत। शिव आराधना के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही मंदिरों में पूजा अर्चना कर दोपहर से होली गायन शुरू हो जाता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना, स्वरूप वर्णन चरित्र वर्णन आदि संबंधित होली गायन से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। महाशिवरात्रि त्योहार भगवान शिव की पूजा स्तुति के लिए समर्पित है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष के फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन, भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं, और रात भर जागरण कर भोलेनाथ की स्तुति करते हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि का त्यौहार 15 फरवरी को मनाया जाएगा।
काली कुमाऊँ के शिवालयों में महाशिवरात्रि के दिन खड़ी होली गायन किया जाता है। इससे पूर्व पौष मास के पहले रविवार से प्रत्येक रविवार को बैठकी होली गायन परंपरा में राग भाग (भजन) का गायन किया जाता रहा है। काली कुमाऊँ के लोहाघाट शिवालय, मानेश्वर, रेगडू महादेव मंदिरों सहित सभी मंदिरों को महाशिवरात्रि के लिए सजाया जा रहा है।
महाशिवरात्रि के दिन गाई जाने वाली होली में शिव के मन माहि बसे काशी शिव के मन हो, बं बं भोले बं बं भोले बं बं बं भोले बं बं भोले बं भोले, भोला तुम दर्शन कब देओगे, अमर कथा शिव शंकर की, शिव शंकर व्याहन आएंगे, शिव दर्शन दे हो जटाधारी शिव दर्शन दे आदि भक्तिरस होली गायन किया जाता है। इस दौरान शिव गाथा के लिए हजारों की संख्या में मंदिर पहुंचे शिव भक्तों को कंद मूल फल आदि के रुप में भगवान भोलेनाथ के पसंदीदा बेर, शकरकंद, तरूण और भंघोटा प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।
पौराणिक कथाओं से जुड़ा है महाशिवरात्रि का महत्व
चंपावत। महाशिवरात्रि का महत्व कई पौराणिक कथाओं से जुड़ा है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने हलाहल विष को पी लिया था, जिससे दुनिया को बचाया गया था। एक अन्य कथा के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि के दिन, भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं, जिसमें जल, दूध, दही, घी, शहद, और बेलपत्र चढ़ाए जाते हैं। पूजा के दौरान, भक्त ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हैं। कहा जाता है कि महाशिवरात्रि का व्रत रखने से भक्तों को मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ, और पापों से मुक्ति आदि कई लाभ मिलते हैं। महाशिवरात्रि का व्रत रखने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।


