मुख्य सचिव ने वनाधिकार कानून के तहत बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव ने वनाधिकार कानून के तहत बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव बनाने के निर्देश दिए
लालकुआं। बिन्दुखत्ता क्षेत्र में निवासरत पीढ़ियों से वनों पर आधारित आजीविका चलाने वाले वनवासियों को वनाधिकार अधिनियम के तहत राजस्व गांव बनाने की मांग अब साकार होने वाली है। इसके लिए प्रदेश के मुख्य सचिव ने राजस्व सचिव को शीघ्र राजस्व ग्राम की अधिसूचना करने की कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले आज बिन्दुखत्ता की वनाधिकार समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से देहरादून में भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया है कि वन अधिकारों की मान्यता सम्बंधी अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुसार बिन्दुखत्ता वासियों की पत्रावली जिला स्तरीय वनाधिकार समिति द्वारा पारित कर जून माह में शासन को भेजी जा चुकी है। जिस पर शासन स्तर पर अग्रिम कार्रवाई अपेक्षित है। ज्ञापन पर तत्काल निर्णय लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राजस्व सचिव को इस मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई करने को निर्देशित किया।
वनाधिकार समिति बिन्दुखत्ता के सचिव भुवन भट्ट ने कहा कि अधिनियम में साफ-साफ लिखा है कि इसके अंतर्गत वन भूमि को राजस्व विभाग में हस्तांतरित करने में जिला स्तरीय वनाधिकार समिति का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा तो जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिले की वनाधिकार समिति ने प्रस्ताव पारित कर पत्रावली आगे की कार्रवाई हेतु शासन को 19 जून को भेज दी थी तो अब इसमें किसी भी प्रकार की कोई रुकावट नहीं है। अब बस शासन स्तर पर विधिक औपचारिकताएं पूरी करनी शेष हैं और यह महत्वपूर्ण कार्य भी जल्दी ही सम्पन्न हो जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल वनाधिकार समिति बिन्दुखत्ता के सदस्य उमेश भट्ट का कहना था कि वनाधिकार अधिनियम के अनुसार बिन्दुखत्ता में केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी लोककल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित करने के जनजाति कल्याण निदेशक द्वारा 19 सितम्बर 2024 को जिलाधिकारी को आदेश निर्देशित किया था ।
समिति के संरक्षक बसंत पांडे ने बताया कि जिलाधिकारी ने 26 सितंबर 2024 को जनजाति निदेशालय से आये पत्र के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल व प्रभारी अधिकारी ज्येष्ठ ए सी नैनीताल को त्वरित कार्यवाही कर विस्तृत कारवाही कार्यालय को प्रेषित करने के निर्देश दिये है।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को दिए इस पत्र में लिखा है कि राजस्व ग्राम के संयुक्त दावे की स्वीकृति के उपरांत बिंदुखत्ता ग्रामवासियों को मान्यता प्रदान करते हुए सरकारी अभिलेखों में दर्ज कर समस्त विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिये जाने पर कार्यवाही कर रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी जाए।
बिंदुखत्ता राजस्व गांव के संबंध में सरकार कोई भी कमी करना नहीं चाह रही है यहां तक की पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान मुख्यमंत्री सहित चार मुख्यमंत्रीयों ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की घोषणा की है । जिसमें दो घोषणाएं विलोपित हो चुकी हैं दो घोषणाएं अभी चल रही हैं।
राजस्व अनुभाग अधिकारियों का कहना है कि उन्हें भी प्रत्येक विधानसभा सत्र में प्रश्नों के जवाब देते- देते परेशान हो रहे हैं वर्तमान में 2006 अधिनियम के तहत राजस्व गांव की प्रक्रिया सरल दिखाई दे रही है और जल्दी ही क्षेत्र वासियों को इसका लाभ मिलेगा। सीएस से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में समिति के संरक्षक बसंत पांडे, डॉ. यशवंत सिंह कोश्यारी, कै0 प्रताप बिष्ट भी शामिल थे।

