पहाड से पलायन रोककर उत्कृष्ट शिक्षा के लिए संकल्पित है:  बीरशिवा स्कूल *चौखुटिया*

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पहाड से पलायन रोककर उत्कृष्ट शिक्षा के लिए संकल्पित है:  बीरशिवा स्कूल *चौखुटिया*

सुदूरवर्ती एवम् दुर्गम क्षेत्र के
पहाड़ों की सुंदर वादियों चौखुटिया एवं मासी में वर्ष 2010 से अनवरत अंग्रेजी माध्यम से संचालित बीरशिवा सैकेंडरी स्कूल CBSE बोर्ड नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त आधुनिक सुख सुविधाओ से युक्त एक अनूठा विद्यालय है। विद्यालय आधुनिक सुविधाओं के साथ विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों को बनाये हुए है।

*विद्यालय का उद्देश्य* :-
विद्यालय दुर्गम क्षेत्र में संचालित होने के बावजूद छात्र छात्राओं को मैदानी इलाकों की भांति सभी बेहतरीन शैक्षिक सुविधाएं प्रदान करते हुए दुर्गम क्षेत्र के लिए रोजगार परक पाठ्यक्रम चलाते हुए पलायन को रोकने में भी मददगार साबित हो रहा है। साथ ही पहाड़ में रोजगार के संसाधनों की बढ़ौत्तरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

*विद्यालय की विशेषताएं*

यह विद्यालय CBSC बोर्ड नई दिल्ली द्वारा पूर्णतः मान्यता प्राप्त CBSC माध्यम से सेकेंडरी एजुकेशन प्रदान करता है….

1) विद्यालय पूर्णतः तकनीकी शिक्षा प्रणाली से संचालित है (जिसमें स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल क्लास, कंप्यूटरीकृत शिक्षा, रोबोटिक कक्षाएं आदि सम्मिलित हैं ।)

2) यह विद्यालय अपनी पुरातन संस्कृति को जोड़ता हुआ विद्यार्थियों को विद्यालय में वैदिक गणित शिक्षा व अपनी भौगोलिक संस्कृति का ज्ञान प्रदान कर रहा है।

3) विद्यालय का भवन एवं परिसर आधुनिक सुख-सुविधाओ से युक्त है जो कि विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं सुविधाओ के लिए वचनबद्ध है।

4) विशेष बालिका शिक्षा
“बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” के वाक्य को वास्तविकता मे बदलते हुए बेटियों को विशेष शिक्षा सुविधा ( छात्रवृत्ति) प्रदान करता है,साथ ही उन्हे स्वावलंबी बनाने के लिये विशेष कार्यक्रमो का आयोजन विद्यालय में कराता है। विद्यालय का मानना है कि शिक्षित लड़कियां आय अर्जित करती हैं और अपने घर व अर्थव्यवस्था को अधिक मज़बूत करती हैं।
इसके साथ ही विद्यालय मे छात्राओं को उचित स्वास्थ्य , व्यक्तिगत स्वच्छता ,लड़कियों के उचित पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में एवं यौन अपराध संबंधी जानकरियाँ प्रदान करायी जाती हैं तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कराया जाता है जिससे उन्हें संभावित खतरों से बचने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सके।

5) नई शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम – विद्यालय मे नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विषयों को करके सीखने अर्थात प्रयोगात्मक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है । विद्यालय में लैबोरेट्री ,कौशल कक्षाएं संचालित की जाती हैं जिसके अंतर्गत मैथ्स लैब, केमेष्ट्री लैब, फिजिक्स लैब, बायोलोजी लैब, रोबोटिक लैब, समाजिक विज्ञान लैब विद्यालय परिसर में ही उपलब्ध हैं ।

6) विद्यालय छात्रों के सीखने के अनुभव को बढ़ाने के लिए अभिनव और अनुभवात्मक शिक्षण पद्धतियों के उपयोग का समर्थन करता है।

7) खेल सुविधाएं :- विद्यालय में हर वर्ग के विद्यार्थीयों के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए पार्क एवं झूले तथा बड़े विद्यार्थियों के लिए बास्केट बॉल, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, एवं योग तथा ताईकवांडो प्रशिक्षण की सुविधाएं विद्यालय प्रदान करता है।

अन्य कई प्रकार के खेल कूद संबंधी यंत्र विद्यालय परिसर में रखे गए हैं जो की बच्चों की बौधिक क्षमता का विकास करने के साथ उन्हें समाज में सहयोग और समन्वय से संबंधित भावनाओं का विकास करने में तथा उनकी एकाग्रता को बनाए रखने में सहायक होते हैं ।

8) शिक्षक शिक्षिकाओं की समय-समय पर ट्रेनिंग व कार्यशालाओ का आयोजन- समय समय पर शिक्षिकों को आधुनिक शिक्षा में प्रबल बनाने हेतु विद्यालय प्रबंधन व विशेषज्ञों द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन कराता है। शिक्षा को रोचक बनाने हेतु एक ऐसा वातावरण तैयार किया जाता है जहाँ बच्चे सहज और उत्सुकता महसूस करें, सीखने के लिए प्रेरित हों और विभिन्न गतिविधियों में भाग लें जिससे शिक्षक अपने शिक्षण को सरल व विद्यार्थियों की मानसिक क्षमताओं के अनुसार रोचक बना सके।

9) करियर काउंसिलिंग-

 

विद्यालय में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगार परक कार्यशाला, एक्सपर्टस टीम द्वारा समय समय पर दी जाती हैं। जिससे छात्र छात्राओं को अपने कैरियर के प्रति जागरूक एवं मार्गदर्शित करते हुए उनके भविष्य की बुनियाद को मजबूत किया जा सके।

विद्यालय में हर वर्ष विद्यार्थियों द्वारा विभिन प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया जाता है। प्रतियोगिताओं में सफलता, विद्यार्थी व विद्यालय की क्षेत्र में पहचान को मजबूती प्रदान करता है। साथ ही छात्रों के मानसिक एवं शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है व बच्चों की रचनात्मक सोच को बढ़ावा देता है ।

10) विद्यालय में प्रतिमाह शिक्षक अभिभावक बैठक-

विद्यालय, विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के बीच शिक्षा से संबंधित एक मजबूत संबंध स्थापित करने के लिये प्रतिमाह नियमित संवाद, अभिभावक-शिक्षक बैठकें और शैक्षिक गतिविधियों में अभिभावकों की भागीदारी कराता है। ताकि बच्चों का चंहुमुखी विकास हो सके।

*बीरशिवा विद्यालय का समस्त विद्यालय परिवार एवं प्रबंधन अपने दायित्वों एवं कर्तव्यों के प्रति पूर्ण समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। साथ ही आधुनिक समय की आवश्यकता के अनुरूप इस सुदूरवर्ती एवम् दुर्गम क्षेत्र में रोजगार की सम्भावनाऐं बढ़ाते हुए पलायन रोकते हुए विद्यार्थियों का चतुर्मुखी विकास करने की संकल्पना के साथ विद्यालय हर सम्भव प्रयास के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रहा है।*

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दया जोशी (संपादक)

श्री केदार दर्शन

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