
*आगामी त्योहारों के दृष्टिगत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के आदेश*
*धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा एवं ईगास-बग्वाल पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश*
*सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं भड़काऊ सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी*
*आतिशबाजी की दुकानों, अग्निशमन व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश*
*संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन को समन्वय से कार्य करने के निर्देश*
*हरिद्वार।आगामी त्योहारों के दौरान जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी हरिद्वार, लक्सर एवं भगवानपुर सहित संबंधित अधिकारियों को जारी आदेश के तेहत कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि दिनांक 06 नवंबर 2026 को धनतेरस, 08 नवंबर 2026 को दीपावली, 10 नवंबर 2026 को गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर 2026 को भैयादूज, 14 एवं 15 नवंबर 2026 को छठ पूजा तथा 20 नवंबर 2026 को ईगास-बग्वाल का त्योहार मनाया जाएगा। दीपावली के अवसर पर विभिन्न पर्वों के अनुरूप आम नागरिकों द्वारा खरीदारी, मिठाइयों, आतिशबाजी एवं सजावट आदि का सामान क्रय किया जाता है। साथ ही इन त्योहारों पर कई वर्षों से जुआ खेलने जैसी कुप्रथाएं भी समाज में प्रचलन में हैं। इसके अतिरिक्त भैयादूज के अवसर पर महिलाओं की बड़ी संख्या में आवागमन रहता है एवं छठ पर्व पर श्रद्धालुओं की नदी और तालाबों के किनारे बड़ी संख्या में सुबह-शाम भगवान सूर्य की उपासना के लिए भीड़ एकत्रित होती है। गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी त्योहारों के अवसर पर जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विगत दिनों खाद्य पदार्थों में थूकने की घटनाएं सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जिससे साम्प्रदायिक सद्भाव एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए तथा सत्यापन अभियान एवं सीसीटीवी कैमरों का व्यवस्थासम्मत प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। मीडिया में ऐसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाए, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की संभावना उत्पन्न न हो।
पूर्व में घटित घटनाओं एवं वर्तमान में प्रचलित विवादों की समीक्षा करते हुए उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। त्योहारों के अवसर पर किसी भी संदिग्ध वस्तु के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए, जिससे आम जनमानस में भय की स्थिति उत्पन्न न हो पाए।
जुलूस एवं शोभायात्राओं के दौरान किसी भी प्रकार के अवरोध, जैसे जुलूस का किसी वाहन से टकराना अथवा यातायात से संबंधित बाधा उत्पन्न होने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं। जुलूस को विलंबित करने जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए पूर्व से ही सार्थक प्रयास किए जाएं। त्योहारों के अवसर पर मंदिरों के आसपास स्थित भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए विशेष ध्यान देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दीपावली एवं अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों से पूर्व विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार पटाखों की पैकिंग करके बिक्री सुनिश्चित की जाए। विशेषकर धनतेरस के अवसर पर महिलाओं की विशेष चहल-पहल एवं गतिशीलता रहती है। ऐसे में यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही दूसरी ओर आपराधिक एवं असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं से छेड़छाड़, चैन स्नैचिंग, लूट एवं अन्य घटनाओं की रोकथाम के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
छठ पूजा के दौरान नदियों एवं तालाबों के किनारे बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। ऐसे में घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश की समुचित व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं आवागमन के लिए उचित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर असामाजिक एवं कट्टरपंथी तत्वों द्वारा अपने कुत्सित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अफवाहें फैलाए जाने की संभावनाओं को देखते हुए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। त्योहारों के अवसर पर असामाजिक तत्वों द्वारा आतिशबाजी के सामान एवं अन्य सामग्री पर आपत्तिजनक धार्मिक चित्र अंकित किए जाने की संभावना को देखते हुए भी विशेष निगरानी रखी जाए।
पटाखे आदि चलाने को लेकर दूसरे समुदाय के भवनों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के आसपास विवाद उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए आतिशबाजी एवं पटाखों के असुरक्षित भंडारण, परिवहन में असावधानी तथा अग्निशमन की समुचित व्यवस्था नहीं होने से आगजनी की घटनाओं की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रभावी इंतजाम किए जाएं। जुए में हार-जीत को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना पर भी सतर्कता बरती जाए। विद्युत आपूर्ति अनियमित अथवा बाधित होने पर हंगामे की आशंका को देखते हुए संबंधित विभाग आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। एक समुदाय द्वारा दूसरे समुदाय पर छींटाकशी करने से सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की संभावना को देखते हुए भी प्रभावी निगरानी रखी जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पर्वों के अवसर पर पटाखों एवं आतिशबाजी की दुकानों तथा भंडारण की अनुमति भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से हटकर खुले मैदान में सीमित संख्या में दी जाए। साथ ही ऐसे स्थानों पर 24 घंटे अग्निशमन की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। आतिशबाजी एवं पटाखों की दुकान लगाने वाले व्यापारियों द्वारा अग्निशमन की समुचित व्यवस्था की जाए तथा बिना उचित व्यवस्था के दुकान लगाने की अनुमति न दी जाए। नियमानुसार दुकान एवं गोदामों की जांच करते हुए पटाखों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, जिससे अवैध अथवा मिलावटी पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। अनधिकृत रूप से पटाखों का भंडारण अथवा व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों तथा खाद्य पदार्थों में अपमिश्रण करने अथवा नकली उत्पादों की बिक्री करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। त्योहारों के दौरान बाजारों में हुए अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित न हो, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जाए तथा सुरक्षा संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
जनपद के मिश्रित आबादी एवं साम्प्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर कनखल एवं रुड़की में आयोजित होने वाले मेलों आदि में बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालुओं एवं सैलानियों के आने की संभावना को देखते हुए विशेष सतर्कता एवं सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने आतंकवादी गतिविधियों के दृष्टिगत वर्तमान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य तथा विगत वर्षों में देश-विदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई आतंकवादी घटनाओं एवं साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाओं का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका एवं यूरोप के विभिन्न देशों में हुई आतंकवादी घटनाओं एवं देश में पूर्व में घटित घटनाओं से सबक लेते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। जनपद में ज्वालापुर, बहादराबाद एवं अन्य क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों को चिह्नित करते हुए असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए।
राज्य के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों, सैन्य संस्थानों, स्कूलों, रेलवे स्टेशनों, नगरीय क्षेत्रों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को लक्ष्य बनाकर की जाने वाली किसी भी संभावित आतंकी गतिविधि को रोकने के लिए समय-समय पर मिल रही सूचनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, पार्किंग स्थल, भीड़-भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं विशेषकर शोभायात्रा मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर धार्मिक आपत्तिजनक टिप्पणियां, चित्रों को पोस्ट किए जाने तथा विभिन्न साम्प्रदायिक प्रकृति के प्रकरणों के कारण साम्प्रदायिक संवेदनशीलता में वृद्धि की दृष्टि से डिजिटल असामाजिक गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी साम्प्रदायिक घटना अथवा अन्य दुर्घटना की सूचना मिलने पर संबंधित वरिष्ठ अधिकारी स्वयं घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल द्वारा सक्रियता से अफवाहों का खंडन किया जाए तथा जनपदीय अभिसूचना इकाई द्वारा गोपनीय ढंग से आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों से अपेक्षा की है कि उपरोक्त त्योहारों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियां एवं कार्रवाई समय से सुनिश्चित की जाएं।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज एवं छठ पूजा के अवसर पर अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के साथ सुदृढ़ कानून व्यवस्था, शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया गया है, जिसमें मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन/वित्त एवं राजस्व), मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार एवं रुड़की, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड हरिद्वार एवं रुड़की, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारी, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम एवं उत्तराखंड जल संस्थान, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, वरिष्ठ निरीक्षक बाट-माप हैं।


