
ज्योलिकोट। भारत सरकार, कृषि विभाग के अधीनस्थ केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, देहरादून द्वारा गांव: भल्यूटी – ज्योलिकोट, ब्लॉक: भीमताल , जिला नैनीताल में दो दिवसीय मानव संसाधन विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका आज 29 अक्टूबर को क्षेत्रीय किसानों की उपस्थिति में समापन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानव स्वास्थ्य पर्यावरण संरक्षण तथा कृषि फसलों को प्राकृतिक तरीके से बचने के प्रयास तथा जहरमुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना था। सहायक निदेशक जगमोहन ने किसानों को आई.पी.एम की उपयोगिता एवं आवश्यकता की विस्तृत जानकारी दी। नाशीजीव प्रबंधन केंद्र से आए जयपाल शर्मा ने व्यावहारिक और यांत्रिक विधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी श्रीमती दिव्या जोशी ने किसानों को जैविक एवं रासायनिक विधियों के बारे में बताया। दूसरे दिन 29 अक्टूबर को कार्यालय प्रभारी जगमोहन ने किसानों को चूहों, दीमक से फसलों को बचाने के बारे में जानकारी दी।
प्राकृतिक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण था प्रशिक्षण कार्यक्रम
इससे पूर्व 24 एवं 25 अक्टूबर को हल्द्वानी विकासखंड के देवला तल्ला गांव में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ जिसमें जयपाल शर्मा ने गेहूं की प्रमुख कीटों एवं बीमारियों के बारे में बताया तथा श्रीमती दिव्या जोशी ने NPSS एप, उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। देवला तल्ला के कार्यक्रम में प्रधान बलम नौला, नरेंद्र सिंह मेहरा, राजेंद्र सिंह नौला,दीवान सिंह सम्मल रमेश रैकुनी, मोहन सिंह नौला शहीद दर्जनों किसान उपस्थित थे। भल्यूटी ज्योलीकोट के कार्यक्रम में पूर्व प्रधान श्रीमती रजनी रावत, उमा बिष्ट, चंदन सिंह कुटलिया, श्रीमती हेमा भट्ट, आनंद सिंह रावत, श्रीमती डिम्पी वर्मा, धर्मेंद्र सिंह रावत, हरीश बरगली, मोहन बडियार एवं दर्जनों किसान उपस्थित रहे।



