
हल्द्वानी। घर से नाराज होकर निकले देहरादून के सेलाकुई निवासी एक बालक को नैनीताल पुलिस की एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) टीम ने सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बालक 12 अक्टूबर को घर से चला गया था और अगले दिन हल्द्वानी के टीपी नगर क्षेत्र में घूमता हुआ मिला। आवश्यक काउंसलिंग के बाद 15 अक्टूबर को उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के दिशा-निर्देशन में बच्चों की सुरक्षा और बाल अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक हल्द्वानी एवं एएचटीयू की नोडल अधिकारी अंजना नेगी के पर्यवेक्षण तथा एएचटीयू प्रभारी महिला उपनिरीक्षक सुनीता कुंवर के नेतृत्व में टीम बच्चों की सुरक्षा को लेकर कार्रवाई कर रही है।
जानकारी के अनुसार, देहरादून जनपद के सेलाकुई निवासी बालक 12 अक्टूबर 2026 को घर से नाराज होकर चला गया था। 13 अक्टूबर को वह हल्द्वानी के टीपी नगर क्षेत्र में घूमता हुआ मिला। पूछताछ के दौरान बालक ने बताया कि वह घर से नाराज होकर आया है।
एएचटीयू टीम ने तत्परता दिखाते हुए बालक से उसके परिजनों का मोबाइल नंबर प्राप्त किया और उनसे संपर्क स्थापित किया। परिजनों ने भी बालक के नाराज होकर घर से चले जाने की पुष्टि की।
इसके बाद 15 अक्टूबर को बालक को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आवश्यक काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बालक के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने नैनीताल पुलिस की एएचटीयू टीम का आभार जताया।
रेस्क्यू टीम में ये रहे शामिल
कार्रवाई करने वाली टीम में एएचटीयू प्रभारी उपनिरीक्षक सुनीता कुंवर, हेड कांस्टेबल प्रहलाद सिंह, कांस्टेबल महेश सायना, राजेंद्र जोशी, महिला कांस्टेबल रेनू अधिकारी, जानकी भंडारी और कांस्टेबल गोविंद मेहरा शामिल रहे।



