4 जीएसटी स्लैब से मिलेगी आजादी… दिवाली से जरूरत के सामान सस्ते होंगे

4 जीएसटी स्लैब से मिलेगी आजादी… दिवाली से जरूरत के सामान सस्ते होंगे
रह जाएंगे दो जीएसटी स्लैब, 12% और 28% के स्लैब को हटाने के मूड में सरकार सिर्फ दो स्लैब 5% और 18% ही रहेंगे

*टैक्स बार के अध्यक्ष पूरन पाण्डेय ने बताया की जीएसटी डिपार्मेंटमेंट द्वारा अगली पीढ़ी के रिफॉर्म का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जीएसटी में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स से आम आदमी, किसान, मिडिल क्लास और एमएसएमई को फायदा होगा। व सरकार इस साल अक्टूबर में इस रिफॉर्म्स के तहत जीएसटी रेट्स में कमी करने जा रही है। इससे कई जरूरी चीजों की कीमतें घट जाएंगी। केंद्र सरकार की घोषणा के तुरंत बाद वित्त मंत्रालय ने जीएसटी काउंसिल को एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें स्ट्रक्चरल रिफॉर्म, टैक्स रेट को कम करना और जीएसटी को और आसान बनाना शामिल है।
रामनगर टैक्स बार के उपसचिव मनु अगरवाल ने बताया की नए रिफॉर्म के तहत सिर्फ दो स्लैब रखने का प्रस्ताव है। अभी 0%, 5%, 12%, 18% और 28% के स्लैब हैं, जिस घटाकर ‘स्टैंडर्ड और योग्यता वाले सिर्फ 2 स्लैब ही रखे जाएंगे। विशेष दरें सिर्फ कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर ही लागू होंगी। प्राप्त jankari के अनुसार, जीएसटी में सिर्फ दो स्लैब 5% और 18% ही रहेंगे, जबकि 12% और 28% स्लैब को हटाने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि सरकार जीएसटी के रेट्स में स्थिरता चाहती है। सरकार का मकसद इससे ईज ऑफ लिविंग को बढ़ाना है। सरकार जरूरी चीजों सहित कई आइटम्स पर टैक्स घटाना चाहती है। इससे चीजों की कीमतें लोगों के खरीदने के दायरे में आ जाएंगी और आम आदमी को काफी राहत मिलेगी
*ये राहत मिलने की उम्मीद
वस्तुओं पर टैक्स को शून्य या 5% तक लाने का सुझाव दिया गया है। एसी, टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन जैसी वस्तुओं पर टैक्स की दर को वर्तमान 28% से घटाकर 18% करने का प्रस्ताव है।
वर्तमान में 28% जीएसटी स्लैब में आने वाले लगभग 90% आइटम्स को 18% स्लैब में लाया जाएगा। इससे लोगों पर टैक्स का बोझ घटेगा।
*कब होगी जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक ?
जानकारी के मुताबिक, सितंबर में जीएसट काउंसिल की दो-दो दिन चलने वाली बैठक होने की संभावना है, जिनमें नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स पर फैसला लिया जा सकता है।
◾️4 की जगह अब 2 GST स्लैब करने का केंद्र का प्रस्ताव ,केंद्र सरकार ने राज्यों को भेजा प्रस्ताव
◾️केवल 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत टैक्स स्लैब रखने का प्रस्ताव….!!




